मेरठ के गांधी आश्रम की जमीन अब सरकार के अधीन, सुरेश खन्ना का ऐलान: Meerut news
उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ के ऐतिहासिक गांधी आश्रम की 88 हजार वर्ग मीटर जमीन को अपने अधीन लेने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार इस संपत्ति को भू-माफियाओं के कब्जे से बचाने के लिए विधिक राय ले रही है। यह फैसला राज्य के लिए एक अहम Meerut news है, जो सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सपा विधायक अतुल प्रधान और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि मेरठ के गांधी आश्रम की जमीन पर कुछ अवांछित तत्वों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस आश्रम से बने तिरंगा झंडे विदेशों तक जाते थे और इसकी संपत्ति की कीमत ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। नेता प्रतिपक्ष ने यह मामला तीन बार सदन में उठाया था, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाधान का आश्वासन दिया था।
मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने जवाब में कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में कुछ लोगों को जमीन लीज पर दी गई थी, जिन्होंने शर्तों का पालन नहीं किया। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गांधी आश्रम की संपत्ति पर किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और इसे सरकार अपने अधीन रखेगी। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर अंतिम मुहर लगेगी। यह एक सकारात्मक Meerut news है, जो स्थानीय विरासत के संरक्षण में मदद करेगा।
इसी के साथ, सुरेश खन्ना ने शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद के भवनों को गिराने की नोटिसों के मामले पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियमविरुद्ध बनी दुकानों के कारण उन्हें गिराने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।
सरकार अब लैंडयूज बदलने पर विचार कर रही है ताकि आम नागरिकों का नुकसान न हो। मंत्री ने बताया कि 809 भवनों का लैंडयूज बदला जा सकता है, जबकि 120 का नहीं। सरकार की मंशा है कि किसी भी आम नागरिक को बेवजह परेशानी न हो और सभी कानूनी पहलुओं का ध्यान रखा जाए।
