लखनऊ: हलवासिया ग्रुप की चार संपत्तियां कुर्क करने का आदेश, Commercial Court का फैसला
लखनऊ की कॉमर्शियल कोर्ट-2 ने हलवासिया ग्रुप के खिलाफ एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसमें समूह की चार प्रमुख संपत्तियों को कुर्क करने का निर्देश दिया गया है। यह फैसला 27.98 करोड़ रुपये की वसूली से जुड़े एक आर्बिट्रेशन मामले में आया है, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में कानूनी पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करता है। यह आदेश राकेश जैन द्वारा एमएस वेलवॉन बिल्डर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध दायर निष्पादन (एक्जेक्युशन) अर्जी पर पारित किया गया।
राकेश जैन ने कोर्ट को बताया कि 27 अगस्त 2025 को उनके पक्ष में 27.98 करोड़ रुपये की डिक्री पारित की गई थी, लेकिन कंपनी ने आज तक इस अवार्ड की धनराशि का भुगतान नहीं किया है। इस पर संज्ञान लेते हुए, कॉमर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी आरपी पांडेय ने सुनवाई के बाद हलवासिया ग्रुप की जिन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है, उनमें अनंता हलवासिया ग्रुप टीजीसी 3/3 विभूति खंड, हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट (उमा शंकर हलवासिया के हिस्से का क्षेत्र), राज चैंबर्स राणा प्रताप मार्ग और वन अवध सेंटर विभूति खंड शामिल हैं।
अदालत ने आवेदक को कुर्की वारंट जारी करने के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यालय द्वारा कुर्की वारंट जारी किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की गई है। यह घटना लखनऊ news में प्रमुखता से छाई हुई है और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करती है।
