अयोध्या में कांग्रेस नेताओं का ‘हाउस अरेस्ट’, MNREGA कानून पर विरोध से पहले पुलिस की सख्ती | Ayodhya Congress News
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों और मनरेगा कानून में कथित बदलावों के विरोध में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले अयोध्या में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार सुबह पुलिस ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया, जिससे विपक्षी दलों में रोष व्याप्त है। इस कार्रवाई का उद्देश्य लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन को रोकना बताया जा रहा है, और यह राज्य में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों पर सरकार के रुख को दर्शाती है।
पुलिस ने पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री को बजाजा स्थित उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके अलावा, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम और गौरव तिवारी वीरू को भी नजरबंद रखा गया। इससे पहले सोमवार को ही पूर्व जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया था। यह घटनाक्रम अयोध्या में कांग्रेस नेताओं के बीच व्यापक विरोध का कारण बन गया है।
डॉ. निर्मल खत्री ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की गलत नीतियों का विरोध करना है, लेकिन भाजपा सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अयोध्या में कांग्रेसजनों के घरों पर पुलिस के पहरे को निंदनीय बताया और कहा कि प्रदेश की जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
