अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: BJP ‘फार्म-7’ से कटवा रही PDA के वोट, घेरी Election Commission
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘फार्म-7’ का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम कटवा रही है। इस गंभीर आरोप के साथ, अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला UP politics news में एक नया मोड़ ले रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर पड़ सकता है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा की एक गोपनीय बैठक में यह तय किया गया था कि उन लोकसभा सीटों पर मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे, जहां सपा ने पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने मंगलवार को सपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपने और विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही।
सपा प्रमुख ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कई उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि औरैया के विधुना विधानसभा क्षेत्र में नंदलाल नामक एक अशिक्षित व्यक्ति का वोट ‘फार्म-7’ पर फर्जी हस्ताक्षर करके कटवा दिया गया। इसी तरह, विधुना में एक बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) ने 126 मतदाताओं के नाम कटवाए। अयोध्या और अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए वोट काटने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि सपा के नगर अध्यक्ष के जाली हस्ताक्षर का उपयोग करके पार्टी के ही एक मतदाता का वोट कटवा दिया गया, और एक पूर्व विधायक की पत्नी का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विशेष रूप से यादव और मुस्लिम समुदाय के अधिक वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सपा ने 47 ‘फार्म-7’ भरे थे, जबकि भाजपा ने 1097 से अधिक और अज्ञात लोगों ने 1.28 लाख से अधिक ‘फार्म-7’ भरे हैं, जो उनके अनुसार भाजपा से जुड़े लोग हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर बीएलए को उचित प्रशिक्षण न देने और गड़बड़ी करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य स्पष्ट है कि वे विधानसभा चुनाव नहीं जीत रहे हैं, इसलिए वे वोटों को कटवाकर लोगों का ध्यान रोजगार, गरीबी और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों से भटका रहे हैं।
