भारतीय रेलवे का ‘कवच’ सिस्टम: अब ट्रेन खुद बजाएगी सीटी, रुकेंगे हादसे
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। स्वदेशी रूप से विकसित ‘कवच’ सिस्टम अब ट्रेनों को स्वचालित रूप से सीटी बजाने में सक्षम बनाएगा, जिससे मानव त्रुटि के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। यह प्रणाली विशेष रूप से समपार रेल क्रॉसिंगों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जहां ड्राइवर के सीटी बजाना भूल जाने से गंभीर हादसे हो सकते हैं। इस तकनीक से देश भर में रेल यात्रा अधिक सुरक्षित और कुशल बनेगी।
यह अत्याधुनिक प्रणाली ट्रेन को रेल क्रॉसिंग से 600 से 850 मीटर पहले ही स्वचालित रूप से सीटी बजाने के लिए सक्रिय कर देती है। इससे क्रॉसिंग पर मौजूद लोगों को समय रहते सावधान होने का मौका मिल जाता है। एक बार क्रॉसिंग पार हो जाने पर, सीटी या तो ड्राइवर द्वारा बंद कर दी जाती है या स्वचालित रूप से बंद हो जाती है। यह प्रणाली घने कोहरे जैसी खराब मौसम स्थितियों में भी ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।
‘कवच’ सिस्टम का ट्रायल कानपुर से दिल्ली के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। पहले चरण का परीक्षण पूरा होने के बाद, दूसरे चरण का ट्रायल टूंडला से दादरी के बीच किया गया। इस प्रणाली को WAP-5 और WAP-7 जैसे इंजनों में लगाकर परीक्षण किया गया है। जल्द ही इसे सभी यात्री इलेक्ट्रिक इंजनों में स्थापित किया जाएगा।
यह स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली केवल क्रॉसिंग पर सीटी बजाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ट्रेनों की टक्कर रोकने और सिग्नल ओवरशूट जैसी मानवीय गलतियों को खत्म करने के लिए भी विकसित किया गया है। यह ट्रेनों की गति को भी बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 160 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। यह भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उन्नति है, जो सुरक्षा और दक्षता दोनों में सुधार लाएगी।
