राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका: विद्याभारती के सप्तशक्ति संगम में `women empowerment` पर जोर
विद्याभारती अवध प्रांत ने हाल ही में लखनऊ के अलीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का मुख्य केंद्र `women empowerment` और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका रही। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में महिलाओं की शक्ति और उनके महत्व को उजागर करना था, ताकि वे भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय योगदान दे सकें।
मातृशक्ति का योगदान और समाज पर प्रभाव
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य अंजू प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को एक शुरुआत बताते हुए कहा कि महिलाएं समाज को जागरूक करके भारत को एक विकसित देश के रूप में स्थापित कर सकती हैं। क्षेत्र प्रचारिका शशि बघेल ने ‘मैं से हम तक’ की यात्रा को जीवन का सार बताया और कहा कि खेल-खेल में बालक को प्रकृति का परिचय कराने वाली मां ही है, और समाज का निर्माण करने वाली भारत की माताएं ही हैं। यह बात जनमानस में महिलाओं के प्रति सम्मान और उनके योगदान की भावना को मजबूत करती है।
भारत को सुपर पावर बनाने का संकल्प
अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख राष्ट्र सेविका समिति की सीता अक्का ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सभी महिलाएं चाणक्य और अहिल्या की भूमिका में हैं। उन्होंने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति ने भारत को एक सुपर पावर बनाने का संकल्प लिया है, और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जगत को संदेश देने वाली मातृशक्ति, जो समाज को धारण करने की शक्ति रखती है, उसे हम क्या शिक्षा देंगे। यह आयोजन भारतीय समाज में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका और उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता को दर्शाता है।
