कफ सिरप तस्करी: दुबई कनेक्शन से खुले कई राज, अमित यादव की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा (Cough Syrup Smuggling)
राष्ट्रीय स्तर पर कफ सिरप की अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस मामले में अमित यादव को गिरफ्तार किया है, जिससे कई महत्वपूर्ण राज खुले हैं। जांच में पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल हर बड़ी डील होने पर अपने साथियों को दुबई भेजता था। अमित और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की दुबई यात्रा के वीडियो ने इस तस्करी रैकेट की परतें खोली हैं, जिससे समाज में नशे के बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
एसटीएफ को अमित यादव और आलोक सिंह के दुबई यात्रा के वीडियो मिले हैं, जिनमें वे मौज-मस्ती करते दिख रहे हैं। इन वीडियो से गिरोह के उन सदस्यों की भी पहचान हुई है, जिनके नाम पहले सामने नहीं आए थे। इन वीडियो के वायरल होने के बाद ही अमित यादव का नाम चर्चा में आया और एसटीएफ उसकी तलाश में जुट गई। शुभम जायसवाल फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है और उसे भारत लाने के लिए एसटीएफ सक्रिय है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, अमित यादव दो मोबाइल का इस्तेमाल करता था और गिरफ्तारी से पहले उसने कई डेटा डिलीट कर दिए थे। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों ने कुछ वीडियो रिकवर कर लिए हैं। अमित यादव ने पिछले दो सालों में कफ सिरप की सप्लाई से करोड़ों रुपये कमाए थे। उसने खुद को स्टाकिस्ट बनाने के साथ-साथ अपने कई परिचितों को भी इस धंधे में शामिल कर कमीशन के तौर पर मोटी कमाई की।
वाराणसी में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अमित यादव ने खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि यह सिरप सात-आठ साल से बेची जा रही है और डॉक्टर इसे यदा-कदा ही लिखते हैं। नशे के लिए इसका इस्तेमाल करने वाले लोग ही इसकी सप्लाई करते रहे हैं। शुभम ने जब उसे कोडीन युक्त इस सिरप की सप्लाई करने को कहा तो वह ज्यादा कमाई के लालच में राजी हो गया और उसने कई लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ लिया।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि अमित जब भी लखनऊ आता था, वह आलोक से जरूर मिलता था। ये दोनों मिलकर बांग्लादेश और नेपाल सीमा तक इस सिरप की तस्करी करते थे। इन दोनों ने सिरप की सप्लाई के लिए कई फर्जी दवा कंपनियां भी बनाई थीं। एसटीएफ इस मामले में दोनों के खातों में हुए लेन-देन की भी जांच कर रही है। जल्द ही कोर्ट से अनुमति मिलने पर एसटीएफ लखनऊ जेल में बंद अमित यादव से और पूछताछ करेगी।
