अखिलेश यादव का RSS पर तीखा हमला, पूछा- क्या आजादी के आंदोलन में कभी ‘Vande Mataram’ गाया था?
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है, जहां समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। रविवार को कई प्रमुख नेताओं को सपा में शामिल करते हुए अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या आरएसएस के ‘अनरजिस्टर्ड’ सदस्यों ने कभी आजादी के आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् गाया था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में दल-बदल का दौर जारी है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे आम जनता के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े खेल चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् को लेकर दूसरों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले अपने ‘अनरजिस्टर्ड’ संघी साथियों से पूछना चाहिए कि क्या उन्होंने कभी आजादी के आंदोलन में वंदे मातरम् गाया था। सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य को भी अपमानित कर रहे हैं, जबकि वे शंका से परे होते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग शंकराचार्य का प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, उन्हें अपना प्रमाण पत्र भी दिखाना चाहिए।
रविवार को अखिलेश यादव की मौजूदगी में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व नंबर दो नेता और हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपनी पत्नी हुस्ना सिद्दीकी और बेटे अफजल सिद्दीकी के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, प्रतापगढ़ सदर से पूर्व विधायक राजकुमार पाल, देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, एआईएमआईएम के नेता दानिश खान, पूनम पाल और पहली ड्रोन पायलट रंजना पाल सहित बड़ी संख्या में अन्य नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की। अखिलेश ने इन सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार और मजबूत होगा।
सपा प्रमुख ने जातीय जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि जातीय जनगणना हो और आबादी के हिसाब से सबको हक मिले। उन्होंने कहा कि अभी तक हम लोग सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन आने वाले समय में सामाजिक न्याय के राज की स्थापना को आगे बढ़ाएंगे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा में शामिल होने के बाद कहा कि उनका लक्ष्य भाजपा को हराना और सपा को जिताकर वर्ष 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि देश-विदेश से अभी 15718 लोग सपा में शामिल हो रहे हैं और आगे और भी लोग जुड़ेंगे। इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
