लखनऊ में साइबर ठगों का आतंक, रिटायर अफसर समेत दो से 24 लाख रुपये का Cyber Fraud News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। हाल ही में दो अलग-अलग मामलों में जालसाजों ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी और एक युवती को अपना शिकार बनाया है, जिनसे कुल 24 लाख रुपये की ठगी की गई है। इन घटनाओं ने शहर में ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला गोमतीनगर के एल्डिको ग्रीन अपार्टमेंट निवासी 80 वर्षीय डॉ. दया प्रकाश से जुड़ा है, जो उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में संयुक्त निदेशक (फूड) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। डॉ. प्रकाश के मोबाइल पर 9 फरवरी को एक कॉल आई, जिसमें जालसाज ने खुद को ट्रेजरी कर्मी बताकर पेंशन से संबंधित जानकारी मांगी। बातों में फंसाकर जालसाजों ने उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद, उन्होंने डॉ. प्रकाश के पंजाब नेशनल बैंक के खाते से जुड़ी एफडी तोड़कर कई बार में कुल 8 लाख रुपये निकाल लिए। रुपये कटने का मैसेज आने पर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया, लेकिन उन्हें साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
दूसरा मामला इंदिरा नगर सेक्टर-24 स्थित कल्याण गार्डेन व्यू अपार्टमेंट की शबाना खातून की बेटी हिबा से संबंधित है। 11 जनवरी को हिबा को पार्ट-टाइम जॉब दिलाने का एक मैसेज मिला। संपर्क करने पर जालसाज ने उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और शुरुआत में छोटे टास्क पूरे करने पर कुछ पैसे दिए। विश्वास जीतने के बाद, उसे अधिक काम और कमीशन का लालच देकर एक टेलीग्राम चैनल पर शामिल किया गया। इसके बाद, जालसाजों ने ‘पेड टास्क’ के नाम पर हिबा से सात बार में कुल 16 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। दोनों पीड़ितों ने अब साइबर क्राइम थाने में अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिसके आधार पर पुलिस इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है।
