अलीगढ़ में संतों का आह्वान: नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ें, राष्ट्र मजबूत करें | Aligarh News
अलीगढ़ में हाल ही में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में संतों और वक्ताओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हुए इन आयोजनों में नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने कहा कि देश की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि युवा अपने इतिहास को समझें और संस्कृति के मूल्यों को अपनाएं।
धनीपुर मंडी स्थित शिव मंदिर में आयोजित सम्मेलन में महंत योगी कौशलनाथ ने कहा कि मां और मातृभूमि से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने परिवार की मजबूती के लिए कम से कम चार बच्चे होने की अपील की, ताकि तीज-त्योहारों को अच्छे से मनाया जा सके। वक्ताओं ने पंच परिवर्तन के मूलमंत्र (स्व का बोध, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य) को अपनाने पर भी जोर दिया।
वक्ताओं ने देश के क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इन गौरवगाथाओं से परिचित कराना चाहिए। स्वर्ण जयंती नगर में भी इसी तरह का विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां वक्ताओं ने राष्ट्र से बड़े किसी भी विचार को खारिज करते हुए धर्म और राष्ट्र की रक्षा को सर्वोपरि बताया। इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना जगाना और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना था। संतों ने कहा कि धर्म को बचाए रखने के लिए एकजुटता आवश्यक है।
