अलीगढ़ में साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचाव पर कार्यशाला, अज्ञानता और लालच मुख्य कारण
अलीगढ़ में सेफ इंटरनेट डे के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में साइबर सुरक्षा और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को लेकर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर फ्रॉड से बचाव, डिजिटल सतर्कता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही सावधानी की भी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अज्ञानता और लालच ही साइबर फ्रॉड की सबसे बड़ी वजह है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या लालच भरे संदेश पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देना हमें अपराधियों का शिकार बना देता है। लोगों को डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स के सुरक्षित उपयोग से जुड़े व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
साइबर अपराध होने की स्थिति में शिकायत प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर 1930 अथवा संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर की गई शिकायत से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय यूटीआर नंबर, समय और तारीख सही-सही भरना आवश्यक है। वक्ताओं ने पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी साझा न करने और फर्जी निवेश योजनाओं से बचने पर विशेष जोर दिया।
जिले के पीएम श्री विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशालाएं आयोजित की गईं। छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर सावधानी, ओटीपी व पासवर्ड की गोपनीयता एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।
