UP Budget 2024: योगी सरकार का आखिरी बजट, पूर्वांचल-बुंदेलखंड पर फोकस, महिलाओं-युवाओं के लिए भी बड़े ऐलान संभव
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार 11 फरवरी को इस कार्यकाल का आखिरी आम बजट पेश करेगी। यह बजट लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है, जिसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष प्रावधानों की घोषणा हो सकती है। सरकार का मुख्य ध्यान आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों पूर्वांचल और बुंदेलखंड पर रहेगा, जहां विकास परियोजनाओं के लिए बड़ा आवंटन किया जा सकता है।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल विकास पर जोर
सरकार बुंदेलखंड और पूर्वांचल को आर्थिक विकास के रास्ते पर लाने के लिए बुनियादी ढांचे और उद्योग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) को नोएडा की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए लगभग 56,662 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके लिए बजट में बड़ी रकम आवंटित की जा सकती है। इसी तरह, पूर्वांचल में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी फंड का आवंटन होने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा
बुनियादी ढांचे के तहत लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के लिए बजट में प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे, गंगा और जेवर को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे, और आगरा एक्सप्रेस वे से फर्रुखाबाद को जोड़ने के लिए भी रकम की व्यवस्था होगी। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर, सरकार निराश्रित महिला पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन का आकार बढ़ा सकती है। स्वयं सहायता समूह बनाकर काम कर रही ग्रामीण महिलाओं की मदद के लिए भी अतिरिक्त रकम का प्रावधान किया जा सकता है।
महिलाओं और कर्मचारियों के लिए घोषणाएं
चुनावी साल से पहले सरकार महिलाओं और युवाओं को लुभाने का प्रयास करेगी। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, अनुदेशकों के बढ़े हुए मानदेय और एरियर के लिए भी बजट में प्रावधान किए जा सकते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किए जाने और एरियर देने की बात कही है। शिक्षा मित्रों के मानदेय में भी वृद्धि पर विचार किया जा रहा है।
उद्योग और धार्मिक पर्यटन पर फोकस
यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी सरकार इस बजट में कदम बढ़ा सकती है। निवेश और उद्योग के लिए बड़ी रकम का इंतजाम दिखाई दे सकता है, जिसमें सेमीकंडक्टर समेत अन्य उद्योगों को दी जाने वाली रियायतें शामिल हैं। बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए भी अच्छी रकम दी जा सकती है। वृंदावन और विंध्य कॉरिडोर के लिए बजट में पैसा होगा, साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी सरकार खाका खींच रही है।
