UP Politics: वाराणसी की वोटर लिस्ट में 9200 संदिग्ध नाम, मंत्री ने DM से की शिकायत
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के बीच वाराणसी में बड़ा विवाद सामने आया है। योगी सरकार में मंत्री और वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवींद्र जायसवाल ने अपनी विधानसभा सीट की मतदाता सूची में 9200 संदिग्ध नामों की पहचान की है। मंत्री ने गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम सत्येंद्र कुमार को इन नामों की सूची सौंपते हुए जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एक विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर दो स्थानों पर दर्ज करा रहा है, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता प्रभावित हो रही है।
रवींद्र जायसवाल ने बताया कि उन्होंने उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के 90 हजार मतदाताओं का सत्यापन बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) और पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कराया था। इस सत्यापन के दौरान पाया गया कि 9200 लोगों के नाम उसी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग बूथों पर दर्ज हैं। मंत्री ने विशेष रूप से उन महिलाओं का जिक्र किया जिनका विवाह हो चुका है, लेकिन उनके नाम मायके और ससुराल दोनों जगह की मतदाता सूची में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह त्रुटि जानबूझकर की गई है, ताकि एक ही व्यक्ति अलग-अलग मतदान केंद्रों पर वोट डाल सके।
मंत्री ने डीएम से शिकायत की कि विशेष पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) में बीएलओ ने ठीक ढंग से काम नहीं किया है। उन्होंने डुप्लीकेट नामों से संबंधित प्रमाण पेन ड्राइव और हार्ड कॉपी के रूप में डीएम को सौंपे। मंत्री जायसवाल अपने समर्थकों के साथ पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम सत्येंद्र कुमार ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से कुछ मतदाताओं की सूची प्राप्त हुई है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर बताए गए हैं। डीएम ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित मतदाताओं का नाम अन्य स्थानों से हटाकर एक ही जगह दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल, यह पहली बार है जब किसी जनप्रतिनिधि ने इस तरह की शिकायत की है, और जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
