आम बजट में Electricity Bill पर बिजली कर्मचारियों की निगाहें, निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी
देश के आम बजट में बिजली कर्मचारियों की निगाहें ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण और विद्युत संशोधन बिल पर टिकी हुई हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने दावा किया है कि यदि केंद्र सरकार बेलआउट पैकेज के माध्यम से निजीकरण के रास्ते खोलती है, तो कर्मचारी तत्काल विरोध प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि 30 जनवरी को केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री यशोपाद नायक ने लोकसभा में संशोधन बिल के ड्राफ्ट का विवरण साझा किया था। इससे संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित करवाया जा सकता है। समिति ने स्पष्ट किया है कि निजीकरण के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा।
यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्युत संशोधन बिल 2022 का उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, लेकिन कर्मचारियों को आशंका है कि इससे सरकारी बिजली कंपनियों का निजीकरण हो जाएगा और उनकी नौकरी पर खतरा मंडराएगा।
