सिविल जज प्रमोशन में दिव्यांगों को आरक्षण, UP government decision से PCS-J भर्ती के नियम भी बदले
उत्तर प्रदेश सरकार ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों पर पदोन्नति में दिव्यांगजनों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। यह व्यवस्था पहले भर्ती में लागू थी, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण के लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
नई अधिसूचना के तहत, उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली-2026 में पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती और सिविल जज के पदों पर पदोन्नति संबंधी स्थिति पूरी तरह से साफ की गई है।
PCS-J भर्ती के लिए नए नियम
पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती के लिए अब मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक के साथ तीन साल न्यायालयों में वकालत या इससे जुड़े हुए काम का अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को इसका प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती के लिए हिंदी में अच्छा ज्ञान होना भी अनिवार्य कर दिया गया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर चयनित होने वाले प्रत्येक अधिकारी को एक साल प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।
पदोन्नति प्रक्रिया में बदलाव
नए नियमों के अनुसार, पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति के लिए एक चयन समिति बनाई जाएगी, जो दोगुना पात्रों की सूची तैयार करेगी। प्रत्येक भर्ती में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कुल रिक्तियों में 10 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे। आरक्षित पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया भी हर साल अनिवार्य रूप से भरी जाएगी।
