UP Judicial Services: सिविल जज प्रमोशन में दिव्यांगों को 4% आरक्षण, भर्ती नियमों में भी बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायिक सेवा के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों पर पदोन्नति में दिव्यांगजनों को 4% आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था पहले भर्ती में तो थी, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण के लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
नए नियमों के तहत, PCS-J (प्रांतीय सिविल सेवा-न्यायिक) के पदों पर भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि स्नातक के साथ-साथ 3 साल की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को इसका प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, भर्ती के लिए हिंदी का अच्छा ज्ञान होना भी अनिवार्य किया गया है।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में चयनित होने वाले प्रत्येक अधिकारी को एक साल का प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। इसके बाद, 5 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति के लिए एक चयन समिति बनाई जाएगी, जो पात्रता सूची तैयार करेगी। प्रत्येक भर्ती में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कुल रिक्तियों में 10 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।
