KGMU धर्मांतरण केस: फर्जी दस्तावेज बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार, UP crime news में बड़ा खुलासा
लखनऊ: केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर लगे धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों के मामले में लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौक पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथी शारिक खान को गिरफ्तार किया है। शारिक पर आरोप है कि उसने आगरा की महिला डॉक्टर के धर्मांतरण और निकाह (Nikah) के लिए कई फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। पुलिस ने शारिक को पीलीभीत से पकड़ा है, जहां वह विदेश भागने की तैयारी कर रहा था।
फर्जी निकाहनामा में बना था गवाह
पुलिस की जांच में सामने आया कि शारिक खान ने ही पीलीभीत में महिला डॉक्टर के निकाहनामा में गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे। पूछताछ में पता चला कि शारिक ने ही रमीज मलिक के साथ मिलकर महिला डॉक्टर के धर्मांतरण से जुड़े कई कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए थे। पुलिस अब शारिक के खिलाफ मुकदमे में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराएं भी बढ़ाएगी। शारिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
फरारी के दौरान रमीज को दी थी शरण
महिला डॉक्टर द्वारा 23 दिसंबर को एफआईआर दर्ज कराने के बाद मुख्य आरोपी रमीज मलिक फरार हो गया था। शारिक खान ने इस दौरान रमीज को कई जगह शरण दी। शारिक ने बताया कि उसने रमीज को खटीमा, देवबंद और दिल्ली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में छिपने में मदद की थी। वह एक अलग नंबर का इस्तेमाल कर रमीज से संपर्क में रहता था और उसे मीडिया में चल रही खबरों की जानकारी भी देता था।
पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की थी तैयारी
चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शारिक खान ने अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया था। वह जल्द ही विदेश भागकर विदेश जाने की फिराक में था। पुलिस ने समय रहते छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी डॉक्टर रमीज रमीज मलिक समेत काजी और रमीज के माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
