यूपी में शहरी परिवहन को मिलेगी रफ्तार, 1225 इलेक्ट्रिक बसें और 272 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे
उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन नई बसों से वर्तमान में चल रही 1140 डीजल और सीएनजी बसों को बदला जाएगा, जिससे शहरों में वायु प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इन इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन शहरों की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इसके अलावा, वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग क्षमता को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। सारनाथ पार्किंग स्थल पर एक अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसमें दो नए चार्जर लगाए जाएंगे, जिसके लिए लगभग 1.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन
प्रदेश के 15 शहरों में चल रही इलेक्ट्रिक बसों के लिए एक कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट भी लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत उत्सर्जन में कमी का अध्ययन कर कार्बन क्रेडिट को बेचा जाएगा, जिससे अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) के माध्यम से 16 नगर निगमों में 272 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का विकास किया जाएगा। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाएगा। इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
