आरक्षण बचाओ समिति ने UGC अधिनियम का किया समर्थन, सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना विनियम- 2026’ का पुरजोर समर्थन किया है। इस नए नियम के लागू होने से देश के प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre – EOC) की स्थापना अनिवार्य हो जाएगी। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर पिछड़े, दलित और वंचित समुदायों के लिए समान अवसर और समावेशन सुनिश्चित करना है।
समिति ने इस कदम को सामाजिक न्याय की दिशा में एक आवश्यक लेकिन विलंबित कार्रवाई बताया है। समिति के प्रमुख संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, संयोजक रामशब्द जैसवार और आरपी केन ने एक संयुक्त बयान में इस बात पर जोर दिया कि आरक्षण और समान अवसर पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों का संवैधानिक अधिकार हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन नियमों को वापस लेने का कोई भी प्रयास किया गया, तो समिति राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन करेगी। यह पहल सार्वजनिक शिक्षा में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे वंचित छात्रों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
