नेपाल सीमा पर राजस्वकर्मी करेंगे ‘निगहबानी’, अवैध सिम नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा – international SIM
नेपाल से सटी उत्तर प्रदेश की सीमा पर अब राजस्वकर्मी भी सुरक्षा की निगहबानी करेंगे। प्रदेश के छह जिलों – खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज – से लगे सीमावर्ती इलाकों में अवैध अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल, रोजगार सेवक और ग्राम प्रधानों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यह कदम खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के बाद उठाया गया है, जिसमें बताया गया है कि सीमा पर इन सिम कार्डों के जरिए अवैध टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क संचालित हो रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाले संचार के दुरुपयोग को रोकना और ऐसे नेटवर्क की सूचना तत्काल शासन को देना है। भारत संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है, जिसमें देश भर में अंतरराष्ट्रीय सिम कार्डों के दुरुपयोग और सीमाई इलाकों में अवैध टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क का पता लगाने और उसे रोकने के लिए एक व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से भी इस बाबत निर्देश जारी हुए हैं, जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और राज्य पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत, बिना अनुमति के टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं देना या नेटवर्क स्थापित करना एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए तीन साल तक की कैद या दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इस कानून के प्रावधानों के बारे में नागरिकों को भी सूचित किया जाएगा। दूरसंचार विभाग की क्षेत्रीय इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट स्थित बिक्री केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड विक्रेताओं का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि दुरुपयोग की पहचान और रोकथाम की जा सके।
खीरी जिले के श्रमायुक्त अमित सिंह परिहार ने अपने आदेश में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व कर्मियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध संचार नेटवर्क को पनपने न दिया जाए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो।
