आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: भोले बाबा ग्रुप के 700 करोड़ के बेहिसाब लेनदेन का खुलासा, 131 घंटे चली सर्च
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा को आगरा में भोले बाबा ग्रुप और उससे जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर हुई 131 घंटे की सर्च में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान विभाग को लगभग 600-700 करोड़ रुपये के बेहिसाब लेनदेन का पता चला है। इसके अलावा, अघोषित विदेशी निवेश और खर्चों के भी साक्ष्य मिले हैं, जो कर चोरी के एक बड़े खेल की ओर इशारा करते हैं।
यह कार्रवाई डेरी उत्पाद कंपनियों के 11 शहरों में स्थित 35 ठिकानों पर 15 जनवरी को शुरू हुई थी और छठवें दिन मंगलवार शाम को समाप्त हुई। इसमें भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड और भोलेबाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज (धौलपुर) प्राइवेट लिमिटेड के साथ-साथ बीकानेर के आशीष अग्रवाल ग्रुप और जोधपुर के मलानी ग्रुप के ठिकानों पर भी जांच की गई।
सर्च के दौरान, कमला नगर निवासी गौरव बंसल की दाऊजी मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड की दौसा स्थित फैक्ट्री और सिरसागंज के पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से भी दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए थे। नई दिल्ली स्थित खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दाऊजी मिल्क फूड के नमूने अधोमानक पाए गए हैं, जिससे मिलावटखोरी की आशंका भी बलवती हुई है।
आयकर सूत्रों के अनुसार, करापवंचन के इस मामले में बिना रिकॉर्ड की गई खरीद-बिक्री, हुंडी लेनदेन, और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पाने के लिए फर्जीवाड़ा जैसे प्रमाण मिले हैं। विभाग अब इन साक्ष्यों के आधार पर बचाई गई आय और कर का निर्धारण करेगा। इस कार्रवाई से आम जनता को मिलावटखोरी और कर चोरी के खिलाफ सरकारी सख्ती का अंदाजा होता है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
