अलीगढ़ शहर में लापरवाही भरा निर्माण कार्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। नोएडा हादसे के बाद सरकारी तंत्र की सतर्कता के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शहर में जगह-जगह खुले नाले,...
अलीगढ़ शहर में लापरवाही भरा निर्माण कार्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। नोएडा हादसे के बाद सरकारी तंत्र की सतर्कता के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शहर में जगह-जगह खुले नाले, गहरे गड्ढे, सड़क पर बिखरी निर्माण सामग्री और बीच सड़क पर लगे पोल किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। आबादी के बीच चल रहे ये निर्माण कार्य हर पल लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। सराय रहमान इलाके में घनी आबादी के बीच वर्षों से खुला नाला मुसीबत बना हुआ है, खासकर बारिश के मौसम में यह और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे कई हादसे हो चुके हैं।
सुरक्षा उपायों की घोर अनदेखी
मैरिस रोड पर खुले नाले और सड़क पर फैली निर्माण सामग्री दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। रामघाट रोड पर स्कूलों के बाहर खुले नाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। रेलवे रोड पर नाला निर्माण में अनियमितताओं के खिलाफ व्यापारी और विधायक तक धरना दे चुके हैं। आईटीआई रोड और गूलर रोड पर बिना मानक के खुले में निर्माण कार्य जारी है, जहां न तो कोई बेरीगेटिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड, जिससे शहरवासी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
मौतों के बावजूद नहीं चेता प्रशासन
शहर में लगातार हो रहे हादसे सरकारी मशीनरी की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें खुले नालों और सड़क पर लगे पोल के कारण लोगों की जान गई है। 17 जुलाई 2025 को खैर रोड गोंडा मोड़ के पास एक स्कूली छात्र साइकिल समेत खुले नाले में गिर गया था, जिसे राहगीरों ने बड़ी मुश्किल से बचाया। इससे पहले 20 जून 2023 को सराय रहमान इलाके में पांच वर्षीय उजैर की खुले नाले में गिरकर मौत हो चुकी है। 8 अक्टूबर 2025 को जीटी रोड पर आरटीओ कार्यालय के सामने सड़क के बीच खड़े पोल से टकराकर व्यापारी अतुल सक्सेना की जान चली गई। 30 अगस्त 2025 को महुआ खेड़ा के ओजोन सिटी में 13 वर्षीय आराध्या की सड़क हादसे में मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। इन घटनाओं के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। सीएम ग्रिड योजना के तहत आईटीआई रोड, रामघाट रोड, मैरिस रोड और रेलवे रोड पर बिना बेरीगेटिंग और चेतावनी बोर्ड के अधूरे निर्माण कार्य जारी हैं।
प्रमुख स्थानों पर गंभीर खतरा
आईटीआई रोड पर सीएम ग्रिड के तहत सड़क निर्माण के दौरान पोल शिफ्ट नहीं किए गए हैं, जो अब नाले-नालियों में सहारा ले रहे हैं। रामघाट रोड पर विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन स्कूलों के बाहर नाले खुले पड़े हैं। मैरिस रोड पर सड़क के बीचों-बीच निर्माण सामग्री और पोल लोगों के आवागमन में बाधा डाल रहे हैं। रेलवे रोड पर आधे-अधूरे बने नाले और बड़े पत्थर खतरा बने हुए हैं। मकदूम नगर बेकरी वाली गली में सड़क न होने से गहरे गड्ढे और जलभराव के कारण बच्चे और वाहन चालक घायल हो रहे हैं। महेंद्र नगर, कालीदह, पला और भदेसी रोड पर भी गहरे गड्ढे, जलभराव और उफनते नालों से जिंदगी खतरे में पड़ी है।