अलीगढ़ में रेलवे रोड चौड़ीकरण: धार्मिक स्थल, दुकान, अस्पताल अतिक्रमण की जद में, बुलडोजर एक्शन की तैयारी
अलीगढ़ में रेलवे रोड पर सड़क और नाले के निर्माण के लिए प्रशासनिक अमला पैमाइश करने पहुंचा। इस दौरान सड़क के किनारे बने धार्मिक स्थलों, दुकानों और अस्पतालों पर अतिक्रमण पाया गया। नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा सकता है।
अतिक्रमण का मामला
रेलवे रोड पर सड़क और नाले के निर्माण को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। स्थानीय लोगों ने निर्माण में भेदभाव का आरोप लगाया था। नगर आयुक्त ने व्यापारियों और धार्मिक गुरुओं से संवाद कर समस्या को समझा। पता चला कि रेलवे रोड की चौड़ाई कहीं कम तो कहीं ज्यादा है, जिससे यातायात बाधित होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए पैमाइश का निर्णय लिया गया।
भारी सुरक्षा के बीच पैमाइश
बाजार बंद के दिन, मंगलवार को भारी पुलिस बल, आरएएफ और पीएसी की मौजूदगी में रेलवे रोड पर पैमाइश की गई। इस दौरान क्षेत्र को सील कर दिया गया था। पैमाइश दोपहर में शुरू हुई और कुछ घंटों तक चली। इस दौरान शहर में अफवाहें भी फैलीं कि धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट हुई कि यह केवल पैमाइश का कार्य है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर प्रशासन से बिना भेदभाव के कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मस्जिद तोड़ी जाती है तो धर्मशाला भी तोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने विकास कार्यों का विरोध न करने की बात कही, लेकिन भेदभाव होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आगे की कार्रवाई
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, रेलवे रोड की चौड़ाई 11 मीटर होनी चाहिए, लेकिन कुछ स्थानों पर यह कम पाई गई है। अब्दुल करीम चौराहे के बाद सड़क संकरी हो गई है, जहां अतिक्रमण की समस्या है। पैमाइश की रिपोर्ट जिलाधिकारी, एसएसपी और नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद अवैध निर्माणों को हटाने पर निर्णय लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वैध निर्माण को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस देकर अंतिम मौका दिया जाएगा।
