यूपी में बिजली कनेक्शन के लिए नया विकल्प, स्मार्ट मीटर की जगह इलेक्ट्रॉनिक मीटर का दाम घटाया गया
उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को अब एक नया विकल्प मिल गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कनेक्शन की दरों को तय करने वाले आदेश में नॉन-स्मार्ट पोस्टपेड यानी इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को भी शामिल कर लिया है। पहले जहां इलेक्ट्रॉनिक मीटर की कीमत 872 रुपये थी, उसे घटाकर 767 रुपये कर दिया गया है।
इस फैसले से उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलता है कि वे स्मार्ट मीटर के बजाय इलेक्ट्रॉनिक मीटर से कनेक्शन लेने की मांग कर सकते हैं, जिसे बिजली कंपनियां अस्वीकार नहीं कर सकतीं। यह व्यवस्था विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) के अनुरूप है, जो उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन चुनने का विकल्प देती है।
हालांकि, प्रदेश में 10 सितंबर से नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर से ही दिए जा रहे थे, लेकिन नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड और टोरेंट पावर जैसी निजी कंपनियां अभी भी इलेक्ट्रॉनिक मीटर ही लगा रही हैं। यह स्थिति तब है जब नई ‘कॉस्ट डाटा बुक’ में इलेक्ट्रॉनिक मीटर के प्रचलन को बरकरार रखा गया है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस मामले को नियामक आयोग के समक्ष ले जाने की बात कही है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कॉस्ट डाटा बुक का उल्लंघन नहीं किया जा सकता और अगर इसमें इलेक्ट्रॉनिक मीटर की व्यवस्था है, तो यह उपभोक्ताओं का अधिकार है।
