RSS और मुस्लिम समाज के बीच संवाद की नई शुरुआत, दूरियां पाटने के लिए देशभर में खुलेंगे मंच
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मुस्लिम समाज के बीच आपसी विश्वास की कमी को दूर करने के लिए एक नई पहल की जा रही है। यह प्रक्रिया अब बंद कमरों से निकलकर खुले मंचों पर होगी, जिसमें आम मुस्लिमों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वास बहाली करना और भ्रम को दूर करना है।
इस संवाद प्रक्रिया की शुरुआत पिछले साल लखनऊ में सरसंघचालक मोहन भागवत ने की थी। अब इसे देशभर के प्रमुख शहरों में फैलाने की योजना है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में एक खुला संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल और रामलाल शामिल होंगे। मुस्लिम समुदाय की ओर से पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ज़मीरुद्दीन शाह सहित लगभग 80 बुद्धिजीवी भाग लेंगे। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद को भी आमंत्रित किया गया है।
इस संवाद का आयोजन इंटर फेथ हार्मोनी फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। कोशिश है कि इस प्रक्रिया को गैर-राजनीतिक रखा जाए। भविष्य में मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे 20 से अधिक शहरों में ऐसे आयोजन कराने की योजना है। इसका लक्ष्य आपसी भ्रम को दूर कर देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एकजुटता से आगे बढ़ना है। इस तरह के संवाद से समाज में सकारात्मकता आएगी और विभिन्न समुदायों के बीच समझ बढ़ेगी।
