बिजली निजीकरण के विरोध में 16 जनवरी को किसान और कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे: power sector protest
बिजली विभाग के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के खिलाफ देश भर में लाखों किसान और बिजली कर्मचारी 16 जनवरी को सड़कों पर उतरेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बताया कि यह प्रदर्शन ‘प्रतिरोध दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा भी शामिल होगा।
यह आंदोलन बिजली कर्मियों और पेंशनरों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के सरकारी निर्देश के विरोध में है। केस्को में चल रहे आंदोलन के 412 दिन पूरे होने पर मंगलवार को बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रबंधन द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने के आदेश का अनुपालन कराया जा रहा है, जिसका कर्मचारी कड़ा विरोध कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अन्य विभागों की तरह रियायती बिजली सुविधा बिना मीटर के मिलनी चाहिए, न कि फिक्स चार्ज पर मीटर लगाकर। संघर्ष समिति के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले वापस नहीं लिए जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा। प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते केस्को मुख्यालय पर जल्द ही एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस विरोध का सीधा असर आम जनता पर बिजली आपूर्ति की निरंतरता और लागत के रूप में पड़ सकता है।
