सरकार का ब्याज भुगतान मुकेश अंबानी की दौलत से ज़्यादा, Borrowings का बोझ बढ़ा
भारत सरकार अपनी उधारी (Borrowings) पर हर साल भारी ब्याज का भुगतान करती है, जो उसके सबसे बड़े खर्चों में से एक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह अनुमानित ब्याज भुगतान 12.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह राशि देश के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक, मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति से भी अधिक है।
सरकार विभिन्न योजनाओं के संचालन और विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने हेतु सरकारी सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल और अन्य माध्यमों से कर्ज लेती है। घरेलू स्रोतों के अलावा, विश्व बैंक और आईएमएफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से भी ऋण लिया जाता है। इन सभी उधारियों पर चुकाया जाने वाला ब्याज सरकारी खजाने पर एक बड़ा बोझ डालता है।
स्मॉल सेविंग स्कीम के तहत जुटाई गई रकम पर दिया जाने वाला ब्याज भी इसी कुल भुगतान का हिस्सा है। यह लगातार बढ़ता ब्याज भुगतान सरकार के बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, जिसका सीधा असर देश की आर्थिक योजनाओं पर पड़ता है।
झांसी में फर्जी महिला TTE पकड़ी, घंटों चली पूछताछ
चुनाव आयोग का SC में बयान: चुनावी उद्देश्य से नागरिकता जांच का अधिकार, जानें क्या है पूरा मामला
दिल्ली में तेज रफ्तार टैंकर का कहर: फल खरीद रहे टेलर की कुचलकर मौत, Delhi crime news
हाउस टैक्स बकाये पर करामत हुसैन कॉलेज सील, सरकारी इमारतों पर निगम की बड़ी कार्रवाई
यूपी में माफिया पर सख्ती: अफसरों की लापरवाही पर होगी कार्रवाई, DGP के निर्देश
32 वाहन चालकों की नेत्र जांच, तीन में दृष्टिदोष: सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा
स्थानीय निकाय कर्मियों ने मांगा 412 रुपये प्रतिदिन भुगतान, गर्म वर्दी की भी मांग
भारत खरीदेगा 114 राफेल विमान, 3.25 लाख करोड़ के सौदे पर स्वदेशी निर्माण की चर्चा
