0

कोल्ड वेव का दिल-फेफड़ों पर असर, दिल्ली AIIMS ने जारी किया हेल्थ अलर्ट

By Jan 13, 2026

मौसम विभाग द्वारा शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर जारी अलर्ट के बीच एम्स के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई हैं। कड़ाके की ठंड केवल ठिठुरन नहीं बढ़ाती, बल्कि यह हृदय, फेफड़े, मधुमेह और किडनी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।

एम्स के चिकित्सकों ने कोल्ड वेव के दौरान नमक का सेवन कम करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, सही समय पर व्यायाम करने और नियमित दवाओं में कोई लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है। यह सलाह आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर कमजोर स्वास्थ्य वाले व्यक्तियों के लिए।

हृदय रोगियों के लिए विशेष चेतावनी

एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव नारंग के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है। यह स्थिति हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। सीने में जकड़न, सांस फूलना, अचानक थकान या पैरों में सूजन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ठंड में नमक, अचार, पापड़ और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना चाहिए। कम पानी पीना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे रक्त गाढ़ा होता है और हृदय पर दबाव बढ़ता है। नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराते रहना चाहिए।

श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा

एम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ. संजीव सिन्हा बताते हैं कि ठंडी हवा से श्वसन नलियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे अस्थमा (दमा) और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों की तकलीफ बढ़ सकती है। खांसी, बलगम, सांस लेने में कठिनाई या बार-बार संक्रमण होने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। बाहर निकलते समय नाक और मुंह ढककर रखना, मल्टी-लेयर कपड़े पहनना और गर्म पेय पदार्थ जैसे सूप या चाय का सेवन करना फायदेमंद होता है।

अन्य स्वास्थ्य सुझाव

एम्स के प्रो. राजेश खड़गावत ने सलाह दी है कि ठंड को आलस्य का बहाना नहीं बनाना चाहिए। घर के अंदर ही हल्की कसरत, योग या स्ट्रेचिंग नियमित रूप से करनी चाहिए। तला-भुना और अधिक नमक वाला भोजन नुकसानदेह हो सकता है। रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) और किडनी फंक्शन की नियमित जांच ठंड के मौसम में और भी आवश्यक हो जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश लोढ़ा ने छोटे बच्चों और कम वजन वाले बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सिर, कान और छाती ढकने की सलाह दी है। जिरियाट्रिक मेडिसिन के डॉ. अभिजीत राव के अनुसार, बुजुर्गों और दमा के मरीजों के लिए ठंड और प्रदूषण दोहरा खतरा पैदा करते हैं, इसलिए दवाओं और फॉलो-अप में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

दिल्ली में तेज रफ्तार टैंकर का कहर: फल खरीद रहे टेलर की कुचलकर मौत, Delhi crime news

दक्षिणी दिल्ली के तिगड़ी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना में तेज रफ्तार पानी के टैंकर ने फल खरीद रहे 58 वर्षीय हनीफ सिद्दकी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही...
By Jan 13, 2026

DSSSB MTS भर्ती 2026: मल्टी टास्किंग स्टाफ के पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, 56,900 तक सैलरी

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के कुल 714 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि करीब ला दी है। जो उम्मीदवार इस सरकारी नौकरी के लिए आवेदन...
By Jan 13, 2026

दिल्ली की सड़कों पर दशकों से अतिक्रमण: भीषण जाम से जूझते लोग, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

हाल ही में तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए बवाल ने पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में फैले अतिक्रमण के गंभीर मुद्दे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।...
By Jan 13, 2026

साझा करें