यूपी बनेगा ग्लोबल ‘टेक डेस्टिनेशन’, डीप फेक पर जल्द सख्त नीति: जितिन प्रसाद
उत्तर प्रदेश, जो अब तक मुख्य रूप से ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ के तौर पर जाना जाता था, वैश्विक स्तर पर ‘टेक डेस्टिनेशन’ बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और उत्तर प्रदेश की सक्रिय भूमिका इसे तकनीक की दुनिया में एक प्रमुख शक्ति बनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल चर्चाएं नहीं होंगी, बल्कि प्रदेश कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में AI का व्यावहारिक उपयोग शुरू करेगा। यह घोषणा लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ के दौरान की गई।
तकनीक के बढ़ते प्रचलन के साथ आने वाली चुनौतियों पर भी मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने ‘साइबर थ्रेट’ और ‘डीप फेक’ जैसी समस्याओं को वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियां बताया। इन खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकार ने ‘डीप फेक’ पर एक कड़े नीतिगत ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। ‘डिजिटल हाइजीन’ के महत्व को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा कि नागरिकों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
भारत को विश्व स्तर पर एक प्रमुख ‘एआई प्रोवाइडर’ बनाने के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ, मंत्री ने यह भी घोषणा की कि युवाओं को शोध और अनुसंधान कार्यों के लिए किफायती दरों पर GPU (Graphics Processing Unit) उपलब्ध कराए जाएंगे। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश के छोटे शहर इस AI क्रांति का नेतृत्व करेंगे। सरकार का लक्ष्य तब तक नहीं रुकेगा जब तक कि तकनीक का लाभ प्रदेश के दूरदराज के गांवों तक नहीं पहुंच जाता।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की स्थिरता का उल्लेख करते हुए, जितिन प्रसाद ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार का गठन देश की मजबूत स्थिति का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में भी तीसरी बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऐसी ही सफलता दोहराई जाएगी। AI के व्यापक प्रभाव को दर्शाते हुए उन्होंने बताया कि भारत ‘AI पेनिट्रेशन’ के मामले में अग्रणी है, जिसका आधार जनधन, आधार और 100 करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं।
तकनीकी क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को और मजबूत करने के उद्देश्य से, 15 से 20 फरवरी के बीच दिल्ली में एक ‘इंपैक्ट समिट’ का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और AI के भविष्य की दिशा पर गहन चर्चा करेंगे।
