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फरीदाबाद के अवैध स्कूल बिगाड़ रहे बोर्ड परीक्षा परिणाम, छात्रों का भविष्य दांव पर | Faridabad News

By Jan 11, 2026

फरीदाबाद में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे प्राइवेट स्कूल एक बार फिर बोर्ड परीक्षा के परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जिले के चार स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा, जबकि छह अन्य स्कूलों का प्रदर्शन 35% से भी नीचे रहा। इस मामले में जिला शिक्षा विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ खंड में एक हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालित हैं, जिनमें से लगभग 450 स्कूलों के पास दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए मान्यता नहीं है, फिर भी वे विद्यार्थियों को दाखिला दे रहे हैं।

अध्यापकों की कमी और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के कारण इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए उचित तैयारी नहीं मिल पाती है, जिसके परिणामस्वरूप वे या तो अनुत्तीर्ण हो जाते हैं या कंपार्टमेंट में आ जाते हैं। शहर की कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में ऐसे ‘डमी’ स्कूलों की संख्या अधिक है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं।

शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद, बोर्ड ने प्रदेश के सौ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की सूची जारी की थी, जिसमें फरीदाबाद के नौ प्राइवेट स्कूल भी शामिल थे। जसना स्थित नंबरदार पब्लिक स्कूल, सारन स्थित भारत भारती पब्लिक स्कूल, कुरेशीपुर स्थित जेएमडी कान्वेंट स्कूल और एनआइटी संजय एनक्लेव स्थित मावी माडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल के एक-दो विद्यार्थियों के कंपार्टमेंट आने से इन चारों स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा।

अन्य स्कूलों में हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सेक्टर-23 संजय कालोनी) का परिणाम 14.19%, नेशनल चाइल्ड स्कूल (बसेलवा कालोनी) का 22.22%, शांति रतन विद्या निकेतन स्कूल (इस्माइलपुर पंचशील कालोनी) का 33.33%, शिव विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल (टीटू कालोनी) का 33%, सर्वोत्तम स्कूल का 33% और माडर्न विश्वास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल (डबुआ कालोनी) का 33.33% रहा। यह परिणाम बारहवीं कक्षा के हैं।

हर महीने मोटी फीस वसूलने वाले ये प्राइवेट स्कूल परीक्षा परिणामों में पिछड़ रहे हैं, जैसा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सूची से स्पष्ट है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंशु सिंगला ने बताया कि विभाग बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जिन स्कूलों ने अस्थाई मान्यता के लिए आवेदन किया है, उन्हें रद्द नहीं किया जा सकता, लेकिन विभाग इन स्कूलों का दौरा कर यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों को बेहतर तैयारी मिले। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि दाखिला के समय स्कूलों की मान्यता और अन्य दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।

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