निष्काम भक्ति से दूर होंगे कष्ट, जीवन बनेगा सुखमय: श्रीमद्भागवत कथा
सच्ची प्रार्थना बिना किसी साधन के सीधे परमात्मा तक पहुंचती है। पंचकुइयां स्थित माथुर वैश्य भवन में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से हरिदास अंकित कृष्ण महाराज ने कहा कि यदि मनुष्य श्रीमद्भागवत के उपदेशों का जीवन में अनुसरण करे, तो समस्त कष्ट स्वतः दूर हो जाएंगे और जीवन सुखमय बन जाएगा। यह निष्काम भक्ति का मार्ग है, जो जीवन को सही दिशा दिखाता है।
कथा के दौरान वामन अवतार, ध्रुव चरित्र और प्रह्लाद चरित्र जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान विष्णु के वामन अवतार की दिव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें बाल ब्राह्मण स्वरूप में भगवान के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। राधे-राधे, गोविंद राधे के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस आयोजन में मुकेश गुप्ता, डॉ. प्रमोद गुप्ता, विनोद गुप्ता सराफ, बाबू रोशन लाल गुप्ता, अशोक गुप्ता, अवधेश गुप्ता, डॉ. अजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, अरुण गुप्ता, दिनेश गुप्ता, डैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस तरह की कथाएं समाज में सकारात्मकता और आध्यात्मिक जागृति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे लोग जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित होते हैं।
