जेएनयू विवाद के बाद AMU news: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, शरजील इमाम से जुड़े छात्रों पर नजर
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में हुई आपत्तिजनक नारेबाजी की घटना के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अलीगढ़ प्रशासन ने AMU परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और उन छात्रों पर पैनी नजर रखी जा रही है जो पहले विवादित गतिविधियों में शामिल रहे हैं। विशेष रूप से, उन छात्रों की पहचान की जा रही है जिन्होंने 2020 में शरजील इमाम को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया था या उसके कार्यक्रमों में भाग लिया था।
शरजील इमाम का AMU से पुराना जुड़ाव रहा है। 16 जनवरी 2020 को AMU में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने एक विवादित भाषण दिया था। इस भाषण में उसने भारत की भौगोलिक अखंडता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शरजील ने पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को काटने और असम को भारत से अलग करने की बात कही थी।
इस भाषण के बाद उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह सहित कुल 6 मुकदमे दर्ज किए गए थे और उसे गिरफ्तार किया गया था। AMU प्रशासन और खुफिया एजेंसियां अब उन छात्रों की प्रोफाइल खंगाल रही हैं, जो 2020 में शरजील के साथ मंच साझा कर रहे थे। 19 दिसंबर 2020 को भी AMU में शरजील, उमर खालिद और मीरान हैदर के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की कोशिश हुई थी, जहां छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर इकट्ठा होकर दिल्ली दंगों के आरोपियों की रिहाई की मांग की थी।
AMU प्रशासन ने छात्रों से परिसर में शांति बनाए रखने और शैक्षणिक माहौल को प्रभावित न करने की अपील की है। प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली के अनुसार, सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि को रोका जा सके।
