कोहरे का कहर: 32 ट्रेनें 16 घंटे लेट, 576 यात्रियों ने रद्द की यात्रा, जानिए क्या है कारण
सर्दी के मौसम में ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। घने कोहरे और धुंध के कारण नियमित और प्रीमियम ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार को स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब श्रमशक्ति और तेजस सहित लगभग 32 ट्रेनें पांच से 16 घंटे तक देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचीं। इस अव्यवस्था से परेशान होकर करीब 576 यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला किया।
सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेनों में आनंदविहार से डिब्रूगढ़ जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस रही, जो 23 घंटे की देरी से चली। श्रमशक्ति एक्सप्रेस भी साढ़े पांच घंटे की देरी से आई, जिससे सुबह 06:20 बजे आने वाली ट्रेन 11:58 बजे पहुंची। इसी तरह, बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन सुबह आठ बजे की जगह शाम 04:39 बजे पहुंची, जबकि दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन रात 09:35 बजे के बजाय अगले दिन दोपहर 01:32 बजे पहुंची, जो 16 घंटे की देरी थी। काशी महाकाल एक्सप्रेस दो घंटे, लखनऊ तेजस एक्सप्रेस लगभग 35 मिनट, ऊंचाहार एक्सप्रेस रात 07:35 की जगह सुबह 03:05 बजे, गोमती एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, महाकाल एक्सप्रेस सवा दो घंटे और भुवनेश्वर-दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस पांच घंटे लेट रही। कड़ाके की सर्दी और गलन के बीच यात्री स्टेशनों पर अपनी ट्रेनों का इंतजार करते रहे।
इस ट्रेन देरी का सीधा असर यात्रियों की योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
