आगरा में 5000 करोड़ के बैनामों की जांच, Income Tax खंगाल रहा प्रॉपर्टी निवेश की कुंडली
आयकर विभाग ने आगरा में प्रॉपर्टी (भूखंड, आवास, फ्लैट) में निवेश करने वालों की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विभाग की टीम ने सदर तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बैनामों से संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया।
आयकर विभाग को आशंका है कि करीब 5000 करोड़ रुपये के बैनामों की जानकारी छुपाई गई है। जांच के दौरान कई ऐसे बैनामे सामने आए हैं जिनमें पैन नंबर का उल्लेख नहीं था और बड़ी मात्रा में नकद लेन-देन किया गया था। यह नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि 30 लाख रुपये से अधिक के बैनामों की जानकारी विभाग को देना अनिवार्य है और 20 हजार रुपये से अधिक का लेन-देन नकद नहीं हो सकता।
आयकर विभाग की टीम ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर 2025 तक के बैनामों का रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान पाई गई अनियमितताओं के बाद विभाग ने उपनिबंधक को शेष रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी विभाग ने किरावली तहसील और उपनिबंधक द्वितीय सदर तहसील के कार्यालयों में जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
इस कार्रवाई से संपत्ति के बाजार में पारदर्शिता लाने और कर चोरी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह उन निवेशकों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी संपत्ति के विवरण को छिपाने का प्रयास करते हैं।
