मिशन कर्मयोगी: उत्तर प्रदेश के हर विभाग में AI-साइबर सिक्योरिटी होगी अनिवार्य
उत्तर प्रदेश सरकार ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से प्रशासनिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मिशन की प्रगति और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। इस समीक्षा के दौरान, उन्होंने सभी विभागों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है: अब से सभी के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
क्षमता संवर्धन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ का उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय मूल्यों को आत्मसात करते हुए सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनाने में सहायक होगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाया गया है, जिसे पदोन्नति और एसीआर से भी जोड़ा जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण
सभी विभाग अपनी आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रम तैयार कर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगाट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। उपाम सहित प्रदेश में संचालित सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए समय की आवश्यकता को देखते हुए पाठ्यक्रम बनाए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता को बढ़ाया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इसका लाभ शासन की हर इकाई तक पहुंचे और जनसेवा के मानकों में लगातार सुधार हो।
AI और साइबर सिक्योरिटी का महत्व
नई डिजाइन और नई तकनीकों का ज्ञान कराने के लिए अभियंताओं हेतु विशेष पाठ्यक्रम बनाए जाएंगे। साथ ही, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस आरक्षी, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करने से सरकारी तंत्र डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होगा।
उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका
बैठक में यह भी बताया गया कि आईगाट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कर्मी प्लेटफॉर्म पर आनबोर्ड हो चुके हैं, जो पिछले वर्ष देश भर की कुल आनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया है और अब तक 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं, जो पिछले वर्ष देश में हुई कुल पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है। यह आंकड़े प्रदेश की प्रतिबद्धता और प्रभावी कार्यान्वयन को दर्शाते हैं।
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