गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की नियुक्ति पर सवाल, नियमों की अनदेखी का आरोप, GBU news
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में शिक्षकों की नियुक्ति और छात्रों की फीस में कथित धांधली का मामला लगातार सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर एक प्रोफेसर की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे GBU news में पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि डॉ. उत्तम कुमार को प्रोफेसर पद पर नियुक्त करने के साथ ही विश्वविद्यालय का डिप्टी रजिस्ट्रार भी बना दिया गया है, जबकि यह तैनाती नियमों के विरुद्ध है। उनका दावा है कि डॉ. उत्तम कुमार भूगोल विभाग के प्रोफेसर हैं, लेकिन उन्हें समाजशास्त्र विभाग के तहत प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग संचालित ही नहीं है।
आरोप है कि किसी भी नवनियुक्त प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दौरान, बिना पद के अनुभव के, अतिरिक्त प्रभार नहीं सौंपा जा सकता। डॉ. उत्तम कुमार का विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति का एक वर्ष का प्रोबेशन पीरियड चल रहा है, ऐसे में उन्हें मानकों के विपरीत जाकर डिप्टी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार देना नियमों का उल्लंघन है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि डॉ. उत्तम कुमार इससे पहले गाजियाबाद के एक डिग्री कॉलेज में भूगोल विभाग में कार्यरत थे। आरोप है कि विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग न होने के बावजूद उन्हें समाजशास्त्र विभाग में नियुक्त कर दिया गया। यह सवाल उठाता है कि जिस विभाग के वह प्रोफेसर नहीं हैं, उसमें वे कैसे पढ़ाएंगे। नियुक्ति के लिए निर्धारित अध्यादेश और नियमों का पालन नहीं किया गया है।
नियमानुसार, यदि बिना विभाग के संचालन के किसी प्रोफेसर की नियुक्ति की जाती है, तो उसके लिए विश्वविद्यालय को विद्या परिषद से उस विभाग के संचालन के लिए पहले आवेदन करना होता है। आरोप है कि जीबीयू में भूगोल विभाग के संचालन के लिए आवेदन किए बिना ही डॉ. उत्तम कुमार की नियुक्ति कर ली गई और उन्हें प्रोफेसर पद के साथ ही डिप्टी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया गया, जो पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है। इस मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
