नेहा सिंह राठौर से पुलिस ने पूछे सवाल, मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी | UP Politics News
लोकप्रिय गायिका नेहा सिंह राठौर, जो कानपुर से विधायक इरफान सोलंकी पर टिप्पणी को लेकर चर्चा में थीं, आखिरकार लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में पेश हुईं और पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। थाने में करीब एक घंटे तक चली पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनसे कई अहम सवाल पूछे। नेहा ने पुलिस की पूछताछ में पूरा सहयोग किया और सवालों के जवाब दिए।
पुलिस ने नेहा से यह भी पूछा कि कोर्ट से अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद जारी नोटिस पर उन्होंने अपना पक्ष क्यों नहीं रखा। इस पर नेहा ने विस्तार से जवाब देते हुए बताया कि उन्हें दो हफ्ते पूर्व नोटिस मिला था, लेकिन बीमारी के कारण वह उपस्थित नहीं हो सकीं। उन्होंने गले में तकलीफ और बुखार होने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने उनसे इस संबंध में मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। नेहा अपने पति हिमांशु सिंह के साथ बयान दर्ज कराने के लिए पहुंची थीं।
यह मामला तब सामने आया जब लखनऊ के वुडलैंड पैराडाइज निवासी अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय सिंह निर्भीक ने 27 अप्रैल को हजरतगंज कोतवाली में नेहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा, दुर्विजयगंज निवासी हिमांशु वर्मा, दुगावां के अर्जुन गुप्ता और रानीगंज के सौरभ ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिए थे, जिन्हें इसी मामले में सम्मिलित कर लिया गया। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने नेहा के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दो नोटिस जारी किए थे।
इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ता है। यह दिखाता है कि कैसे सार्वजनिक टिप्पणियों के कानूनी परिणाम हो सकते हैं और अधिकारियों द्वारा जांच में सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, नेहा के खिलाफ बनारस के लंका थाने में भी पिछले साल अप्रैल में भड़काऊ पोस्ट और मैसेज करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मामले में बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश न होने और पुलिस नोटिस का जवाब न देने पर, बनारस पुलिस ने 24 नवंबर को उनके फ्लैट पर दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिलीं और नोटिस चस्पा कर दिया गया था।
