UP 5G network: पूर्वी यूपी के सभी तहसील मुख्यालयों तक पहुंचा 5G, 60 गांवों में 4G सैचुरेशन की तैयारी
दूरसंचार विभाग (DoT) आम जनता को बेहतर दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश (पूर्व) लाइसेंस सेवा क्षेत्र के अपर महानिदेशक अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र के अंतर्गत सभी जिला मुख्यालयों और तहसील मुख्यालयों में 5G सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। इससे आम नागरिकों को तेज और सुगम इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। विभाग को इस साल लोक शिकायत पोर्टल, ई-मेल, पत्र और अन्य माध्यमों से कुल 1052 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका औसतन पांच कार्य दिवस में प्रभावी निस्तारण किया गया। प्राप्त होने वाली शिकायतें मुख्य रूप से मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, मोबाइल टावर स्थापना तथा साइबर फ्रॉड से संबंधित रहती हैं।
लोक शिकायतों के निस्तारण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उत्तर प्रदेश (पूर्व) लाइसेंस सेवा क्षेत्र में 60 ऐसे राजस्व ग्राम हैं, जहां किसी भी दूरसंचार सेवा प्रदाता का उपयुक्त 4G मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने इन 60 राजस्व ग्रामों को डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत संचालित 4G सैचुरेशन योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है।
इन गांवों में लगेंगे नए 4G मोबाइल टावर
योजना के तहत 9 जिलों के 13 राजस्व ग्रामों में नए 4G मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इनमें ललितपुर (पिपरिया रामगढ़, गुन्द्रापुर, सतवांसा), झांसी (परगहना, मथुरापूरा), बहराइच (दापोली), सोनभद्र (मरकुरी), हमीरपुर (ममरेजपुर डांडा), चित्रकूट (रुकमा खुर्द), श्रावस्ती (असनहरिया), चंदौली (छीतमपुर) और लखीमपुर खीरी (रामपुर ग्रांट) शामिल हैं।
माघ मेला क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी
अपर महानिदेशक अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं को निर्बाध दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में 6 सेल ऑन व्हील (COW) मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। इन टावरों के माध्यम से कुल 53 नए बीटीएस स्थापित किए जाएंगे। इनमें बीएसएनएल के 6, जिओ के 20, एयरटेल के 15 और वोडाफोन आइडिया के 12 बीटीएस शामिल हैं।
