BPSC TRE-4 की घोषणा के साथ ही Bihar Teacher Recruitment में पुरानी मांगें उठीं, लाइब्रेरियन बहाली पर भी जोर
बिहार में BPSC TRE-4 की घोषणा के साथ ही शिक्षक अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग से जुड़ी अपनी पुरानी मांगों को फिर से उठाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को टैग कर अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सामने रख रहे हैं।
TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों ने म्यूचुअल ट्रांसफर पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की है। कई शिक्षकों ने कहा है कि परिवार से दूर रहकर नौकरी करना कठिन हो गया है, ऐसे में सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए। इसके अलावा, पति-पत्नी के अंतरजिला स्थानांतरण को जल्द शुरू करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ-साथ लाइब्रेरियन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांगें तेज कर दी हैं। उन्होंने बिहार में लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा (LET) की विज्ञप्ति तुरंत जारी करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से लाइब्रेरियन बहाली लंबित है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में करीब 5,500 लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही इसकी अधिसूचना जारी होगी, अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए सूचित किया जाएगा।
TRE-4 को लेकर भी अभ्यर्थियों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर 25 हजार की जगह 1.20 लाख पदों पर भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि TRE-4 के लिए 15 जनवरी से 20 जनवरी 2026 के बीच रिक्तियों का प्रस्ताव बीपीएससी को भेजा जाएगा। रोस्टर क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अधिसूचना जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। उस समय राज्य का शिक्षा बजट 4,000 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक था, जो अब बढ़कर करीब 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 2005 में बिहार में करीब डेढ़ लाख शिक्षक थे, जबकि अब बीपीएससी के माध्यम से 2.27 लाख और पंचायती राज विभाग के जरिए करीब ढाई लाख शिक्षकों की बहाली बहाली की जा चुकी है।
