कांग्रेस में ‘अंदरूनी कलह’ तेज, दिग्विजय सिंह के RSS praise पर रेवंत रेड्डी का पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सिंह ने अपने पोस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा की थी। इस पर पलटवार करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना की। रेड्डी ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह जैसे नेता प्रधानमंत्री बन सके, जो राजनीतिक परिधि से आए थे।
दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें वह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पास फर्श पर बैठे दिख रहे थे। सिंह ने लिखा कि कैसे एक जमीनी स्तर का स्वयंसेवक देश का प्रधानमंत्री बन गया। उन्होंने इसे संगठन की शक्ति बताया। सिंह के इस पोस्ट को कांग्रेस के भीतर एक गुट ने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाने के तौर पर देखा।
रेवंत रेड्डी ने सिंह के पोस्ट का सीधा जवाब देते हुए सोनिया गांधी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में ही पीवी नरसिम्हा राव, जिन्होंने तेलंगाना के एक दूरदराज के गांव से अपना सार्वजनिक करियर शुरू किया, देश के प्रधानमंत्री बन सके।” उन्होंने मनमोहन सिंह का भी उदाहरण दिया। रेड्डी ने कहा कि सोनिया गांधी ने एक अर्थशास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया।
इस विवाद ने कांग्रेस के भीतर विभिन्न गुटों के बीच मतभेदों को उजागर कर दिया है। शशि थरूर जैसे नेताओं ने दिग्विजय सिंह के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सिंह के बयान का विरोध करते हुए RSS की तुलना अल-कायदा से कर दी। यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर चल रही दोहरी विचारधारा को दर्शाता है, जिसमें एक गुट संगठनात्मक सुधार की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा गुट नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व को प्राथमिकता देता है।
