अमित शाह ने कहा- Pahalgam हमले के साजिशकर्ताओं को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से सजा, आतंकवाद पर भारत का नया रुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक नई रणनीति लागू की है। उन्होंने कहा कि देश ने पहली बार आतंकवाद के साजिशकर्ताओं और हमलावरों दोनों को अलग-अलग, लक्षित अभियानों के जरिए सजा दी है। शाह ने नई दिल्ली में ‘एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस–2025’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ऑपरेशन महादेव’ की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान के आतंकी आकाओं को करारा जवाब दिया है।
शाह ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद मई में की गई थी। वहीं, ‘ऑपरेशन महादेव’ऑपरेशन महादेव’ के तहत पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को जुलाई में मार गिराया गया था। शाह ने कहा कि यह पहला मौका है जब साजिशकर्ताओं और हमलावरों दोनों को सजा दी गई है।
गृह मंत्री ने आतंकवाद के बदलते स्वरूप पर भी बात की, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत और अभेद्य आतंकवाद विरोधी ग्रिड बनाना जरूरी है। उन्होंने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) से देश भर में एक समान एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) संरचना लागू करने का आग्रह किया। शाह ने कहा कि परिचालन एकरूपता (operational uniformity) के बिना हम खतरों का सही आकलन नहीं कर सकते।
शाह ने कहा कि पहलगाम हमले की जांच पूरी हो चुकी है और इसके निष्कर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों की भी तारीफ की, जिन्होंने दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच में उत्कृष्ट काम किया।
