मंत्री बेबी रानी मौर्य के नाम पर फर्जीवाड़ा, आगरा में 50 हजार में बेचते थे school admission, दो गिरफ्तार
आगरा पुलिस ने कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के नाम पर फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर स्कूलों में एडमिशन कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी 50 हजार रुपये में एडमिशन कराने का ठेका लेते थे। यह मामला तब सामने आया जब सेंट पैट्रिक्स स्कूल में एक सिफारिशी पत्र भेजा गया, जिसकी जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार में बाल विकास, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के प्रतिनिधि सुनील गोली ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि मंत्री के फर्जी लेटरहेड का उपयोग करके कान्वेंट स्कूलों और सरकारी विभागों में सिफारिशें की जा रही हैं। डीसीपी के आदेश पर हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने मंत्री के दो फर्जी लेटर तैयार किए थे। एक लेटर सेंट पीटर्स कॉलेज के प्री-प्राइमरी विंग के प्राचार्य को संबोधित था, जिसमें मोहम्मद अबान का नर्सरी में प्रवेश कराने की सिफारिश की गई थी। दूसरा लेटर सेंट पैट्रिक्स जूनियर कॉलेज के प्राचार्य को संबोधित था, जिसमें माइरा इकबाल का कक्षा एक में प्रवेश कराने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस ने इस मामले में तरुण बनर्जी और जैद अहमद खान को गिरफ्तार किया है। तरुण बनर्जी को इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो मकानों की मरम्मत का काम करता है। जैद अहमद खान की सदर में टेलर की दुकान है। दोनों ने अपने परिचितों के बच्चों के एडमिशन 50-50 हजार रुपये में कराने का ठेका लिया था। एडमिशन के लिए उन्होंने फर्जी लेटर तैयार किए, लेकिन पकड़े गए। पुलिस अब इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
