पाकिस्तानी मौलाना हाफिज ताहिर अशरफी ने हूती विद्रोहियों को बताया गैर-इस्लामी, सऊदी अरब की सुरक्षा को बताया रेड लाइन | international news
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान के एक प्रमुख धार्मिक नेता का बड़ा बयान सामने आया है। पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के प्रमुख हाफिज मुहम्मद ताहिर अशरफी ने सऊदी अरब में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हूतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हूती एक आतंकवादी संगठन हैं और उनका इस्लाम धर्म से कोई सरोकार नहीं है। इस बयान को क्षेत्रीय भू-राजनीति में एक अहम कूटनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
अशरफी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा पाकिस्तान के लिए ‘रेड लाइन’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की सरकार, सेना और वहां की आवाम हर परिस्थिति में सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उनके अनुसार, यह संघर्ष किसी संप्रदाय विशेष यानी शिया और सुन्नी के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह एक आतंकी संगठन के खिलाफ वैश्विक सुरक्षा की जंग है। सम्मेलन में दुनिया भर से आए इस्लामी विद्वानों और विशेषज्ञों की मौजूदगी ने इस बयान के महत्व को और बढ़ा दिया है।
वैश्विक स्तर पर शांति और कूटनीति के लिहाज से इस बयान को खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में हूतियों द्वारा सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाओं में तेजी आई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों का सऊदी अरब के पक्ष में खड़े होना कूटनीतिक समीकरणों को नया आकार दे रहा है।
