आगरा में 47 हजार वाहनों की RC निलंबित, फिर भी नहीं थमे हादसे | Agra traffic rules
आगरा में यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आरटीओ विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। पिछले दो वर्षों में 47 हजार से अधिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) निलंबित किए गए हैं, जबकि 320 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। इन कड़े उपायों के बावजूद, शहर में सड़क हादसों का सिलसिला जारी है। बीते दो वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों ने इन हादसों में अपनी जान गंवाई है।
आगरा को देश के सर्वाधिक सड़क हादसों वाले 100 शहरों में गिना जाता है। ‘दुर्घटना शून्य जिला’ बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यातायात और आरटीओ कार्यालय संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत, शहर में चार प्रमुख ‘क्रिटिकल कॉरिडोर’ और 212 ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए गए हैं। प्रत्येक कॉरिडोर पर विशेष निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं। सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, नए संकेतक लगाना और रंबल स्ट्रिप जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
यातायात पुलिस ने बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की भी पहचान की है। इस वर्ष, यातायात पुलिस ने 22,059 वाहनों की आरसी और 100 चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश आरटीओ को भेजी है।
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर आरटीओ ने कार्रवाई की है। इन चारों जिलों में दो साल में 47 हजार से अधिक वाहनों की आरसी निलंबित की गई और 320 चालकों के लाइसेंस रद्द किए गए।
इसके बावजूद, वाहन चालक सड़कों पर अनुशासन का पालन नहीं कर रहे हैं। हाल ही में नवंबर माह में, यातायात माह के दौरान, कमिश्नरेट में 151 सड़क हादसों में 75 लोगों की मौत हुई। एआरटीओ आलोक अग्रवाल ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। आगामी 1 जनवरी से एक महीने तक सड़क सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
