UP women commission अध्यक्ष ने बुर्के पर दिया बयान, कहा- पहचान छिपाने का सवाल है
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बुर्के को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बुर्के का सवाल नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि आप अपनी पहचान क्यों छिपाए हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां जरूरत है, वहां भी चेहरा क्यों नहीं दिखाया जाता। उनका यह बयान बिहार में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान हिजाब हटाने को लेकर हुए विवाद के बीच आया है।
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आगरा में जनसुनवाई के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब वह सुनवाई कर रही होती हैं, तब भी महिलाएं बुर्का डालकर आती हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में सुनवाई करने का क्या मतलब है। उन्होंने बागपत में हुई जनसुनवाई का भी जिक्र किया, जहां एक अस्पताल में बुर्का पहने महिलाओं से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने चेहरा नहीं हटाया और न ही कोई जवाब दिया।
आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि जब पासपोर्ट, आधार कार्ड या अन्य सरकारी आईडी बनवाने के लिए नकाब हटाना पड़ता है, तो आम लोगों से पर्दा क्यों किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर आप हमसे पर्दा कर रहे हैं, तो कहीं न कहीं मन में कुछ तो गलत है।
इस दौरान डॉ. बबीता चौहान ने आगरा सर्किट हाउस में जनसुनवाई भी की। उन्होंने घरेलू हिंसा और दुष्कर्म सहित 42 पीड़ितों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान पुलिस, स्वास्थ्य, महिला कल्याण विभाग और विधिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
