कानपुर पुलिस के 40 दारोगाओं का अभ्यास में खराब प्रदर्शन, आधे से ज्यादा carbine असेंबल करने में फेल
कानपुर पुलिस लाइन में शनिवार को 40 दारोगाओं के लिए आयोजित अभ्यास सत्र में हथियार चलाने की बुनियादी दक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यास के दौरान 40 में से आधे से ज्यादा दारोगा कार्बाइन के पुर्जे असेंबल नहीं कर पाए। कई दारोगाओं को पुर्जे जोड़ने में निर्धारित समय से काफी अधिक समय लगा।
पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों को नियमित रूप से पिस्टल और कार्बाइन से निशानेबाजी का अभ्यास कराया जाता है। शनिवार को कोतवाली, रेलबाजार, फीलखाना, कैंट, गुजैनी, ग्वालटोली, नवाबगंज, काकादेव, बर्रा समेत कई थानों के 40 दारोगाओं को अभ्यास के लिए बुलाया गया था। इनमें कई चौकी इंचार्ज भी शामिल थे।
पहले फायरिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास कराया गया, जहां केवल 14 दारोगा ही सटीक निशाना लगा पाए। बाकी दारोगाओं के निशाने लक्ष्य के आसपास ही रहे। इसके बाद जब कार्बाइन असेंबलिंग का अभ्यास कराया गया तो आधे से ज्यादा दारोगा इसमें असफल रहे। कई दारोगाओं की पिस्टल भी गंदी पाई गई, जिससे पता चलता है कि वे नियमित रूप से अभ्यास नहीं करते हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण मिलता है, लेकिन नियमित अभ्यास न करने के कारण वे असफल हुए हैं। उन्होंने सभी को चेतावनी देते हुए नियमित अभ्यास करने के निर्देश दिए हैं।
