बांग्लादेश में गहराया ‘Bangladesh crisis’, भारत के लिए बड़ा खतरा? विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद देश में तेजी से बढ़ रहे कट्टरपंथ और अस्थिरता को लेकर भारत में गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह संकट भारत के लिए एक बड़ा भू-राजनीतिक खतरा पैदा कर सकता है। वरिष्ठ पत्रकार सुबीर भौमिक ने कहा कि यह मौजूदा उथल-पुथल उन मूल्यों पर ‘पूरी तरह से हमला’ है जिनके आधार पर 1971 में बांग्लादेश को स्वतंत्रता मिली थी।
पूर्व भारतीय उच्चायुक्त वीना सिकरी ने आरोप लगाया है कि अंतरिम सरकार पर जमात-ए-इस्लामी का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि जमात-ए-इस्लामी अब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को नियंत्रित कर रही है, जिससे देश में धर्मनिरपेक्ष संस्थानों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने ढाका में ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ जैसे धर्मनिरपेक्ष समाचार पत्रों के कार्यालयों पर हाल ही में हुए आगजनी हमलों का भी उल्लेख किया।
भू-राजनीतिक जोखिमों पर चर्चा करते हुए, बांग्लादेशी पत्रकार मुक्तादिर राशिद ने चेतावनी दी कि यह अस्थिरता दक्षिण एशिया के लिए ‘यूक्रेन’ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को इस स्थिति से चिंतित होना चाहिए। भारत की रक्षा खुफिया एजेंसी के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केजेएस ढिल्लों ने कहा कि बांग्लादेश भारत के समर्थन के बिना जीवित नहीं रह सकता। उन्होंने बांग्लादेश की धरती से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की आईएसआई की बढ़ती उपस्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
