दिल्ली की हवा नैनीताल से 10 गुना जहरीली, सैलानी कर रहे हैं पहाड़ी इलाकों का रुख
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के अनुसार, दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 156 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो कि नैनीताल की तुलना में दस गुना अधिक है। नैनीताल में इसी अवधि में पीएम 2.5 का स्तर मात्र 15 दर्ज किया गया था। दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए अत्यधिक वाहन, कूड़े का जलना, औद्योगिक धुआं और ठंड से बचाव के लिए जलाए जाने वाले अलाव जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं। इसके विपरीत, नैनीताल जैसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में तेज पछुवा हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति 25 किमी प्रति घंटे से अधिक है, जिससे हवा साफ बनी हुई है।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक साफ हवा और स्वास्थ्य लाभ के लिए नैनीताल और आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। वीकेंड पर हजारों की संख्या में सैलानी इन पहाड़ी इलाकों में पहुंचे, जिससे पर्यटन व्यवसायी उत्साहित हैं। होम स्टे, फ्लैट्स और कोठियां पर्यटकों से गुलजार हो गई हैं। यह स्थिति दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के गंभीर प्रभाव को दर्शाती है, जहाँ लोग स्वच्छ हवा के लिए मैदानी इलाकों से दूर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
