भारत ने बांग्लादेश को दी बड़ी सौगात, RDSO में 200 LHB कोच की टेस्टिंग पूरी, जानें खासियत
भारत, बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 एलएचबी बोगियों का निर्यात करेगा, जिनका उत्पादन रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में किया जा रहा है। इन बोगियों के सुरक्षा मानकों का परीक्षण लखनऊ स्थित अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ) कर रहा है। हाल ही में बांग्लादेश रेलवे के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आरडीएसओ की अलग-अलग लैब में इन बोगियों की तकनीक और सुरक्षा फीचर की टेस्टिंग को देखा।
बांग्लादेश रेलवे का यह प्रतिनिधिमंडल वहां के परियोजना निदेशक मोहम्मद जिदुल इस्लाम के नेतृत्व में आरडीएसओ पहुंचा। रेलवे की संस्था राइट्स को बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 एलएचबी बोगियों का निर्यात करने का आर्डर मिला है। इस निर्यात परियोजना में आरडीएसओ को सुरक्षा सत्यापन से संबंधित गतिविधियों में सम्मिलित किया गया है। आरडीएसओ की लैब में इन बोगियों के एक्सल, तनाव और लोड की टेस्टिंग के लिए श्रांति (फटिग) परीक्षण किया गया। इसी तरह आमने-सामने की टक्कर में यात्रियों को कम नुकसान हो, इस तकनीक का प्रदर्शन क्रैश सिमुलेटर पर कोच शेल बाडी परीक्षण से आरडीएसओ के अधिकारियों ने कराया।
आरडीएसओ के अपर महानिदेशक काजी मेराज अहमद सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। भारत के बने एंटी टेलीस्कोपिक बाड़ी, डिस्क ब्रेक जैसे आधुनिक एलएचबी कोच 160 किमी. प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगे। बांग्लादेश रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इन 200 आयातित बोगियों से ढाका-राजसाही लाइन सहित इंटरसिटी रूट की ट्रेनें दौड़ायी जाएंगी। आरडीएसओ से बांग्लादेश रेलवे के मानकों के अनुसार बोगियों का परीक्षण होने के बाद इसकी डिलीवरी बांग्लादेश को की जाएगी।
