यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक दर्दनाक हादसे में, जिंदा बचे लोगों ने बताया कि टक्कर के 15 मिनट बाद कैसे उनकी गाड़ी में आग लग गई। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए जो साहस दिखाया,...
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक दर्दनाक हादसे में, जिंदा बचे लोगों ने बताया कि टक्कर के 15 मिनट बाद कैसे उनकी गाड़ी में आग लग गई। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए जो साहस दिखाया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
हादसे में शामिल एक बस के यात्री अरुण कुमार ने बताया कि वह अपने साथी के साथ दिल्ली मजदूरी करने आ रहे थे। बसों की जोरदार टक्कर में स्लीपर से एक यात्री उनके पैर पर आ गिरा, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। बस में धुआं व पिछले हिस्से में आग लगी थी। वह जान बचाने के लिए छत पर लगे डंडे को पकड़ कर किसी तरह दरवाजे से बाहर निकले और फिर 35 मीटर घिसटकर डिवाइडर के उस पार पहुंचे। अगर वह साहस न दिखाते तो शायद आज इस दुनिया में न होते।
हमीरपुर के उरई राठ निवासी अरुण कुमार व रघुवीर सिंह नोएडा में बेलदारी करते हैं। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर कोहरा था। उनकी बस पीछे से दूसरे नंबर पर चल रही थी। नींद की झपकी आ रही थी, तभी अचानक तेज आवाज के साथ उनकी बस आगे वाली बस से टकराई। तभी स्लीपर पर सवार यात्री एवं सामान नीचे आ गिरे। एक यात्री उनके पैर पर गिरा, जिससे उनके फ्रैक्चर हो गया। देखा तो बस में धुआं भरा था। लोगों में बाहर निकलने के लिए भगदड़ मची थी। वह उठे तो ठीक से खड़ा न हो सके। बस में छत पर लगे डंडे को पकड़ लटक कर बमुश्किल दरवाजे से बाहर निकले। चलने में दिक्कत हुई तो लेटकर घिसटते हुए 35 मीटर की दूरी तय कर डिवाइडर के उस पार पहुंचे। तभी वहां मौजूद लोग उन्हें उठाकर ले गए। इसी के साथ ही बस में भीषण आग लग गई थी। बस में करीब 70 सवारियां थीं।
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में पांच दोस्तों की जान बच गई। ये सभी स्विफ्ट डिजायर कार में सवार थे। कानपुर के विठोर निवासी अमन यादव पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया, सोमवार की रात 10 बजे वह कानपुर से स्विफ्ट डिजायर कार से वृंदावन ठाकुर बांकेबिहारीजी के दर्शन करने के लिए निकले। उनके साथ दोस्त चौंगापुर के विवेक सिंह, प्रशांत चौरसिया, अभिषेक, मोविन खान व सचिन थे। कार प्रशांत चौरसिया चला रहे थे। उनके आगे एक बस, दूसरी लेन में एक लोडर चल रही थी।